क्या
तुझको ये पता नहीं है बलदावु के भैया i
राष्ट्र
- जागरण धर्म हमारा, सुन ले कृष्ण - कन्हैया II
नमन
-नमन हे चक्कर -धारी
नमन
- नमन जावूँ बलिहारी
तुझको
कोई फिकर नहीं है
मेरी
खोपड़िया टंकारी
तेरे
भारत में कटती है, कई हजारों गैया
राष्ट्र
- जागरण धर्म हमारा, सुन ले कृष्ण - कन्हैया i
महँगाई
है बढ़ती जाती
तरुणाई
है घटती जाती
दूध
- दही की बात करें क्या
रोटी
भी आँसू दे जाती
मक्खन
तुझको नहीं मिलेगा, माखन चोर कन्हैया
राष्ट्र
- जागरण धर्म हमारा, सुन ले कृष्ण - कन्हैया i
संत
-असंत हुऐ है देखो
मानवता
है सिसक रही
नेताओं
की करतूतों से
भारत
- माता बिलख रही
देशद्रोहियों
का वध करके, नाचो नाग - नथैया i
राष्ट्र
- जागरण धर्म हमारा सुन ले कृष्ण - कन्हैया i
सज्जन
की रक्षा करता हूँ
दुर्जन
को दण्डित करता हूँ
तूने
वचन दिया था ऐसा
हर
युग में पैदा होता हूँ
खाली
पेट नहीं भरता है, उपदेशो से भैया
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