मंगलवार, 27 अगस्त 2013

सुन ले कृष्ण - कन्हैया

क्या तुझको ये पता नहीं है बलदावु के भैया i
राष्ट्र - जागरण धर्म हमारा, सुन ले कृष्ण - कन्हैया II
नमन -नमन हे चक्कर -धारी
नमन - नमन जावूँ बलिहारी
तुझको कोई फिकर नहीं है
मेरी खोपड़िया टंकारी
तेरे भारत में कटती है, कई हजारों गैया
राष्ट्र - जागरण धर्म हमारा, सुन ले कृष्ण - कन्हैया i
महँगाई है बढ़ती जाती
तरुणाई है घटती जाती
दूध - दही की बात करें क्या
रोटी भी आँसू दे जाती
मक्खन तुझको नहीं मिलेगा, माखन चोर कन्हैया
राष्ट्र - जागरण धर्म हमारा, सुन ले कृष्ण - कन्हैया i
संत -असंत हुऐ है देखो
मानवता है सिसक रही
नेताओं की करतूतों से
भारत - माता बिलख रही
देशद्रोहियों का वध करके, नाचो नाग - नथैया i 
राष्ट्र - जागरण धर्म हमारा सुन ले कृष्ण - कन्हैया i
सज्जन की रक्षा करता हूँ
दुर्जन को दण्डित करता हूँ
तूने वचन दिया था ऐसा
हर युग में पैदा होता हूँ
खाली पेट नहीं भरता है, उपदेशो से भैया
राष्ट्र - जागरण धर्म हमारा, सुन ले कृष्ण - कन्हैया iii

www.panditnaman.com

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें