उत्तराखंड की बारिश ने तो कर दिया हाहाकार....
ओ भोले, मत कर तूँ संहार...
ओ भोले वक्त से पहले मत मार.../
बादल फटते, धरती धँसती, कैसी तेरी लीला प्यारे
बहगए कितने मलवे के संग, कितने हैं जो स्वर्ग सिधारे
सबकी रक्षा करने वाला, क्यूँ रूठा केदार II
सड़के टूटी, पुल सब टूटे, देख हजारों सांसे टूटी
पत्थर गिरते, मलवा बहता, देख हमारी किस्मत फूटी
लूट लिया है सब कुछ मेरा, लुट गया घर संसार
II
बादल गरजे, मेहा बरसे, ठण्ड भयानक देखो पड़ती
मरगए कितने भूखे प्यासे, पास में फिर भी गंगा बहती
हे शिवशंकर, हे बम भोले, मन में दया विचार
II
Pandit Naman
9811154503
G/7/120 Sector-15 rohini
Delhi-110089
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